डायनासोर के बारे में रोचक तथ्य

डायनासोर का नाम लेते ही दिमाग में बड़े-बड़े जानवरों के चित्र अपने आप बनने लगते है. बने भी क्यों नही क्योंकि हाॅलीवुड फिल्मों में यही देखकर बड़े हुए है. आज हम आपको इसी बड़े जानवर के बारे में वो जानकारी देंगे जो सिर्फ छोटे बच्चे ही नही बल्कि बड़े आदमी भी जानना चाहते है.

  • डायनासोर का इतिहास: आज से 23 करोड़ साल पहले डायनासोर का जन्म हुआ और आज से 6.5 करोड़ साल पहले आखिरी डायनासोर की मौत हुई।
  • डायनासोरों की पढ़ाई करने वाले आदमी को ‘Paleontologist’ कहते है।
  • डायनासोर धरती पर 16 करोड़ साल तक रहे. इंसानो का जीवन इसका केवल 0.1% है. डाय़नासोर जिस काल में धरती पर जीवित थे उसे ‘Mesozoic era’ कहा जाता है. ये इस युग के तीनों भागों में जीवित रहे: Triassic, Jurassic, and Cretaceous.
  • ऐसा माना जाता है कि उस समय डायनासोरों की लगभग 2468 प्रजातियाँ थी. इनमें से कुछ उड़ती भी थी।

‘Dinosaur’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘terrible lizard’ से आया है जिसका अर्थ होता है – भयानक छिपकली. ‘डायनासोर’ शब्द 1842 में एक ब्रिटिश जीवाश्म विज्ञानी रिचर्ड ओवेन ने दिया था।

  • डाय़नासोर दहाड़ नही सकते थे, ये सिर्फ मुंह बंद करके घुरघुरा सकते थे।
  • गुजरात की नर्मदा नदी के किनारे भी डायनासोर के अवशेष मिले है ये करीब 7 करोड़ साल पुराने है।
  • इस बात का पक्का सबूत तो नही है लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि डायनासोर लगभग 200 साल तक जीते थे।
  • DNA केवल 20 लाख साल तक जीवित रह सकता है. इसलिए डायनासोर के जीवाशम का डीएनए टेस्ट नही किया जा सकता।
  • जो डाय़नासोर पानी के नजदीक थे उसके सबसे अच्छे अवशेष मिले है।
  • मांस खाने वाले डायनासोर को ‘थेरोपोड’ कहा जाता है. मतलब, ‘राक्षसी पंजो वाले’. इनके खुर और नाखून तेज होते थे. बल्कि शाकाहरी डायनासोर के पंजे और नाखून तेज नही थे।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ डायनासोर ठंडे खून के थे तो कुछ गर्म खून के. शाकाहारी डायनासोर ठंडे खून के थे, कुछ बड़े आकार वाले शाकाहारी रोज एक टन खाना खाते थे मतलब, एक बड़ी बस के गठ्ठर (bundle) के बराबर. बल्कि मांसाहारी डायनासोर गर्म खून के थे और ये अपने साइज के शाकाहारियों से 10 गुना ज्यादा भोजन खा जाते थे।
  • डायनासोरों की हड्डियाँ खोखली होती थी, खासकर मांसाहारी डायनासोरों की. ताकि इनका वजन हल्का बना रहे और ये दो पैरो पर चलते थे ताकि ये तेजी से भाग सके और दोनों हाथो से शिकार कर सके. शाकाहारी डाय़नासोर अपने भारी शरीर को चलाने के लिए चार पैरों पर चलते थे. ये सिर्फ कुछ समय के लिए ही दो पैरों पर संतुलन बना पाते थे।
  • सबसे बड़े डायनासोर के अंडे बाॅस्केट बाॅल जितने बड़े होते थे. जितना बड़ा अंडा, उतना ही मोटा उसका कवच ताकि बच्चे बाहर ना आ सके. अब तक मिले सबसे छोटे डायनासोरी अंडे की लंबाई 3 cm और वजन 75 gram है. ये अंडा किस प्रजाति का था किसी को नही पता. सबसे बड़ा डायनासोरी अंडा 19 इंच की लंबाई का मिला है. ऐसा माना जाता है कि यह एशिया के मांसाहारी डायनासोर का है. डायनासोर की सभी प्रजातिया अंडे देती थी. अभी तक 40 प्रजातियों के अंडे मिल चुके है।
  • 45 फीट लंबे और 6350 किलो वजनी, T. Rex (Tyrannosaurus rex) सबसे बड़े मांसाहारी डायनासोर थे. इनके पिछले पैर बहुत बड़े-बड़े होते थे लेकिन अगले हाथ बिल्कुल छोटे-छोटे. मतलब, आज के आदमियों जितने. इनके बड़े-बड़े दाँत होते थे जिनकी लंबाई जड़ समेत 10 इंच थी. मतलब, iPad जितनी. इनके 4 फीट लंबे जबड़े में 50 से 60 दाँत होते थे. ये काट सकते थे लेकिन शिकार को चबाते नही थे बल्कि सीधा निगल जाते थे।
  • सभी डाय़नासोर में self-defense सिस्टम मौजूद था. मतलब, अपनी सुरक्षा के लायक हथियार जन्म से उनके पास होते थे. जैसे मांसाहारी के दांत और नाखून लंबे होते थे. शाकाहारी के सींग और चौड़े पंजे होते थे. लेकिन आज तक कोई ये नही जान पाया की डायनासोर की पीठ पर प्लेट क्यों होती थी।
  • अधिकत्तर डायनासोर सिर्फ एक हड्डी या एक दाँत से खोजे गए है।
  • 2015 में, एक 4 साल के बच्चे ने 10 करोड़ साल पुराने डायनासोर का जीवाश्म खोजा।
  • यदि धरती के इतिहास को 24 घंटो का बना दिया जाए तो सुबह 4:00 बजे जीवन शुरू हुआ, रात 10:24 पर पेड़-पौधे उगने शुरू हुए, 11:41 पर डायनासोर विलुप्त हो गए, और रात 11:58:43 पर इंसान का जन्म हुआ।
  • डायनासोर पत्थर के बड़े-बड़े टुकड़े निगल जाते थे. ये इनके पेट में रहकर भोजन पचाने में सहायता करते थे।
  1. डाय़नासोर, अंटार्कटिका सहित हर महाद्वीप पर पाए गए है. लेकिन उस समय महाद्वीप एक-दूसरे के नजदीक हुआ करते थे।
  2. कुछ डायनासोर की पूंछ 45 मीटर लंबी थी. ये लंबी पूँछ भागते समय बैलेंस बनाने में मदद करती थी।
  3. मध्य चीन में ग्रामीण कई साल तक डायनासोरों की हड्डियों को दवा के रूप में प्रयोग करते रहे. वे इन्हें ड्रैगन की हड्डियाँ मानते थे. कुछ लोगो ने इनको इकट्ठा करके व्यापार बना लिया था. एक मि. झांग नाम के आदमी ने 8,000 किलो हड्डियाँ इकट्ठी कर ली थी।
  4. सबसे तेज डायनासोर थे ‘Ornithomimus’. ये 70km/h की रफ्तार से दौड़ सकते थे. ये हूबहू आज के शुतुरमुर्ग की तरह दिखते थे. ये खाते क्या थे आज भी रहस्य है।
  5. अब तक खोजे गए सबसे बड़े डाय़नासोर के कंकाल की लंबाई 89 फीट है. इसका नाम रखा गया ‘Diplodocus’. ये अमेरिका के व्योमिंग शहर में मिला था. सबसे छोटे डायनासोर के कंकाल की लंबाई केवल 4 इंच है और इसका वजन एक चुहिया से भी कम रहा होगा. इसे हम शाॅपिंग बैग में भी डाल सकते थे।
  6. बोलविया में एक चूना पत्थर की चट्टान पर डायनासोरों के पाँवो के 5,000 निशान पाये गए है, ये निशान करीब 6 करोड़ 80 लाख पुराने है।
  7. ये मजेदार तथ्य है की फिल्म का नाम ‘Jurassic Park’ होने के बावजूद इसमें ज्यादात्तर डाय़नासोर ‘Cretaceous’ काल के थे।
  8. जुरासिक पार्क फिल्म में डायनासोरो की जो आवाज निकाली गई है वह दरअसल सेक्स करते हुए कछुओं की आवाज है।

डायनासोर कैसे मरे…?

डायनासोर एकदम से इसलिए खत्म हुए, क्योंकि आज से 6.5 करोड़ साल पहले मैक्सिको के युकैटन प्रायद्वीप से एक 6 मील व्यास वाला उल्का पिंड टकराया था. इस टकराव से 112 मील चौड़ा गढ्ढा बन गया. इसकी वजह से बहुत तेज शाॅकवेव पैदा हुई जो पूरी धरती पर फैल गई. इससे जो जानवर कुत्ते से बड़े आकार के थे उन सबका अंत हुआ. हालांकि, शार्क, जेलिफ़िश, मछली, बिच्छू, पक्षी, कीड़े, सांप, कछुआ, छिपकली, और मगरमच्छ जैसे जानवरों की जान बच गई।

जब आप ऑफलाइन होते है तो गूगल क्रोम एक डायनासोर को क्यों दिखाता है ?

इसका मतलब है: -“इंटरनेट के बिना, अब आप डायनासोर के युग में रह रहे है”. यह एक गेम है जिसका नाम है ‘Easter egg Chrome T-Rex game’. इस गेम को 6 डेवलपर्स की छोटी-सी टीम ने बनाया है. Edward Jung और Sebastien Gabriel दो मुख्य डेवलपर्स है. और गूगल के कैंपस में एक डायनासोर का कंकाल भी है जिसे ‘Stan’ नाम दिया गया है.