नेशनल डॉक्टर्स डे, महत्व के साथ Doctor’s Day के बारे में जानें सबकुछ !!

National Doctor’s Day 2020: भारत में 1 जुलाई को और अमेरिका में 30 मार्च को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है. यह दिन सभी डॉक्टरों को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है. भारत में हर साल 01 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे (National Doctor’s Day, July 01) मनाने का इतिहास काफी गौरवमय है.

National Doctor’s Day 2020.. भारत में 1 जुलाई को और अमेरिका में 30 मार्च को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है. यह दिन सभी डॉक्टरों को उनकी सेवा के लिए धन्यवाद देने के लिए मनाया जाता है.

भारत में हर साल 01 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे (National Doctor’s Day, July 01) मनाने का इतिहास काफी गौरवमय है. जिंदगी में डॉक्टर का कितना महत्व है, हम यह अच्छी तरह से जानते हैं. डॉक्टर को इंसान के रूप में भगवान के समान माना जाता है. यह आज के संदर्भ एक दम सटीक हो सकता है जब पूरी दुनिया कोरोना वायररस (Coronavirus) महामारी से पीड़ित है ऐसे में डॉक्टर्स अपनी जान की परवाह किए बगैर दूसरों के जीवन की रक्षा कर रहे हैं. भारत में डॉक्टर्स को सम्मान देने के लिए हर साल राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मनाया जाता है, लेकिन डॉक्टर्स डे (Doctor’s Day) मनाने का सिर्फ यही एक कारण नहीं नहीं है. इसके पीछे एक और कारण जुड़ा है. हर साल नेशनल डॉक्टर्स डे की थीम (National Doctors Day Theme) रखी जाती है. पिछले साल डॉक्टर दिवस की थीम (National Doctor’s Day 2019 Theme) हैं ‘डॉक्टरों के प्रति हिंसा को लेकर जीरो सहनशीलता’ (Zero Tolerance To Violence Against Doctors And Clinical Establishment) रखी गई थी. केंद्र सरकार ने 1991 में इस दिन को मनाने की शुरूआत की थी.

क्यों मनाते हैं डॉक्टर्स डे

भारत में 01 जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाने के पीछे का कारण यह है कि इस दिन देश के महान डॉक्टर्स और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्य मंत्री विधानचंद्र रॉय का जन्म हुआ था. हालांकि डॉक्टर विधानचंद्र का इसी दिन पुण्यतिथि भी होती है. विधानचंद्र रॉय का जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना के खजांची में हुआ था. उन्हीं के सम्मान में नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है.

कौन थे डॉक्टर विधानचंद्र रॉय?

महान भारतीय चिकित्सक डॉ. बिधानचंद्र राय का जन्म दिवस एक जुलाई को मनाया जाता है. उनका जन्म 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था. कोलकाता में चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बाद डॉ. राय ने एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि लंदन से प्राप्त की. 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत की. इसके बाद वे कोलकाता मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता बने. वहां से वे कैंपबैल मेडिकल स्कूल और फिर कारमिकेल मेडिकल कॉलेज गए.

उनकी ख्याति एक शिक्षक एवं चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी के रूप में महात्मा गांधी के साथ असहयोग आंदोलन में शामिल होने के कारण बढ़ी. भारतीय जनमानस के लिए प्रेम और सामाजिक उत्थान की भावना डॉ. राय को राजनीति में ले आई. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने और बाद में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का पद संभाला. डॉ. राय को भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया था. उनके जन्म दिवस को डॉक्टर्स डे के रूप में मनाया जाता है.

डॉक्टर्स डे का महत्व

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के दिन डॉक्टरों द्वारा जान बचाने के लिए किए गए सभी प्रयासों और मेहनत का सम्मान किया जाता है. डॉक्टरों के पेशे नेक हैं, क्योंकि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं कि लोगों को बेहतर महसूस कराया जा सके, चाहे वह दवा लेकर या जटिल सर्जरी करके. जैसे ही लोग कोरोनोवायरस के घातक फ्लू से जूझते हैं, दुनिया भर में डॉक्टरों की भूमिका अधिक सम्मानित हो जाती है|